पित्त की पथरी को निकालें घरेलू उपाय से ,Pitt Ki Pathri ko Nikale Ghrelu Upay Se |

पित्त की पथरी को निकालें घरेलू उपाय से
पित्त की पथरी को निकालें घरेलू उपाय से
पित्त में होने वाली पथरी को निकालने के कुछ आसान उपाय :- पित्त की पथरी मानव के पिताश्य के अंदर होती है | यह पित्त की थैली में कोलेस्ट्रोल के जमने के कारण होती है | जब इसी मनुष्य को पित्त की थैली में पथरी हो जाती है तो उसे असहन करने वाला दर्द होता है | पित्त की थैली में कई तरह की पथरी हो सकती है | जैसे रेत की तरह पतली और छोटे – छोटे कणों वाली या फिर गुल्फ की तरह बड़ी – बड़ी | लेकिन पथरी से होने वाला दर्द कम नही होता | पथरी के होने पर मनुष्य का भोजन सही प्रकार से नही पचता , उसे उल्टियाँ भी हो सकती है | भोजन अच्छी तरह से ना पचने से उसे अपच की समस्या हो जाती है |
कहते है कि पित्त की थैली में होने वाली पथरी को केवल ओपरेशन करके ही बाहर निकाला जा सकता है | परन्तु ओपरेशन करवाने से पहले कुछ घरेलू तरीके अपनाकर देखें | हो सकता है कि पथरी गल जाएँ | इससे आपकी सेहत को कोई भी नुकसान नही होगा | घरेलू उपाय को करने से पथरी तो गलती ही है साथ ही साथ आपकी पाचन शक्ति भी मजबूत बनती है |
Pitt Ki Pathri ko Nikale Ghrelu Upay Se
Pitt Ki Pathri ko Nikale Ghrelu Upay Se
पथरी एक ऐसा रोग है जो किसी को भी हो सकती है | चाहे जवान हो या कोई वृद्ध व्यक्ति | परन्तु महिलाओं में यह रोग पुरुषों की तुलना में अधिक होता है | पथरी के होने के क्या कारण है :- मानव का पित्त लीवर में बनता है | जो मनुष्य वसा युक्त भोजन का सेवन करता है , उसका पाचन पित्त के दवारा ही होता है | लेकिन जिस समय पित्त की थैली में कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक हो जाती है | तो वह कोलेस्ट्रोल जम जाता है | जिससे पथरी बनती है | यह अधिकतर तेल युक्त भोज्य पदार्थ के खाने से , अधिक समय बैठे रहने से , शरीर में खून की कमी से या मोटापे से पथरी बनती है | आज हम इस लेख के माधयम से आपको पथरी जैसी भयंकर बीमारी और उससे होने वाले असहनीय दर्द से मुक्ति पाने के कुछ आसान से उपाय बतायेंगे |
सेब का जूस या फल का उपयोग
सेब का जूस या फल का उपयोग 
1.  सेब :- इस फल में पथरी को गलाने वाले तत्व मौजूद होते है | सेब में मौजूद मौलिक एसिड पथरी को गलाने में मदद करता है | सेब के जूस और सेब के सिरके का भी उपयोग कर सकते है | ये अधिक लाभकारी होते है | सेब का सिरका  लीवर में कोलेस्ट्रोल को बनने नही देता | जिससे हमारे शरीर में पथरी बनती है | सेब के जूस या सेब के सिरके का सेवन करने से पथरी गल जाती है और दर्द में भी राहत मिलती है | इसके आलावा शरीर में दोबारा पथरी नही बनती |
उपयोग कैसे करें :- एक गिलास सेब का जूस लें , उसमे एक चम्मच सिरका मिला लें | इस जूस को एक दिन में दो बार पीये | लाभ मिलेगा | 
नाशपाती  का जूस :- नाशपाती के उपयोग से आप पित्त की थैली को साफ़ कर सकते है | नाशपाती में पेक्टिन नामक तत्व होता है जो शरीर में कोलेस्ट्रोल को बनने नही देता | नाशपाती में बहुत सारे गुण होते है | जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है |
कैसे उपयोग करें :- एक गिलास पानी को गर्म कर लें | अब नाशपाती का एक गिलास जूस निकाल लें | इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर गर्म पानी में मिला दें | इस तरह से तैयार किये हुए जूस के मिश्रण को एक दिन में लगभग दो बार पीयें | लाभ मिलेगा |
गाजर , खीरा और चुकन्दर का जूस
गाजर , खीरा और चुकन्दर का जूस 
vगाजर , खीरा और चुकन्दर आदि फलों का जूस :- पित्त की थैली के इलाज के लिए जूस का उपयोग किया जाता है |यह इलाज सबसे अधिक प्रयोग में लाया जाता है | चकुंदर का सेवन करने से शरीर मजबूत होता है और साथ ही साथ यह लीवर के कोलोन को भी साफ़ करता है | इसके बाद बात आती है खीरे की | खीरे में पानी की अधिक मात्रा होती है | जो गोल ब्लेंडर को डिओक्सीफाई करती है | गाजर में विटामिन सी की अधिकता होती है |
इसके आलावा इसमें बहुत से पौषक तत्व मौजूद होते है |इसका उपयोग किस प्रकार से करना है इसके बारे में हम आपको जानकारी दे रहे है |
उपयोग करने की विधि :- एक चुकन्दर , एक खीरा और लगभग 3 से 4 गाजर लें | अब इन तीनो को आपस में मिलाकर जूस तैयार कर लें | इस तरह से तैयार किये हुए जूस को एक दिन में कम से कम दो बारे पीयें | जूस बनाते समय एक बात का अवश्य ध्यान रखे कि इसे बनाने के लिए सभी की मात्रा एक सामान होनी चाहिए | इसके जूस बनाने की मात्रा को घटाया या बढाया जा सकता है | इस जूस का सेवन करने से पथरी के दर्द में राहत मिलती है और साथ ही साथ पथरी भी कुछ हद तक गल जाती है |
Pudine Ka Sevn Kaese Kren
Pudine Ka Sevn Kaese Kren
vपुदीना :- इसका उपयोग एक औषधि के रूप में भी किया जाता है | पुदीने का उपयोग भोजन को पचाने के लिए किया जाता है | यह मानव के पित्त वाहिका और पाचन तत्र से जुडी हुई हर समस्या को ठीक करता है | पुदीने की पत्तियों से चाय बनाकर पथरी के रोगी को दें | इस चाय का सेवन करने से पथरी गल जाती है | क्योंकि पुदीने में पथरी को गलाने वाला तत्व होता है जिसे तारपीन कहते है | पुदीने का उपयोग कैसे करना हसी | इस बात की जानकारी हम आपको दे  रहे है |

vउपयोग करने की विधि :-एक गिलास पानी लें | इसमें पुदीने की सुखी या ताज़ी पत्तियों को डालकर अच्छी तरह से उबाल लें | जब यह पक जाये तो इसे छानकर रख दे | हल्का ठंडा होने पर इसमें शहद मिलाकर पी लें | इस तरह के पुदीने के पानी को एक दिन में कम से कम दो बार पीने से आपको अधिक लाभ मिलेगा |

vअपने खाने – पीने की चीजो की और विशेष तौर पर ध्यान दें | अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करें |
vजिस भोजन में वसा की मात्रा अधिक हो और तेल युक्त पदार्थ हो उससे परहेज करें | इस तरह के भोज्य पदार्थ का कम उपयोग करें |
Kin Chijon Ka Parhej Kren
Kin Chijon Ka Parhej Kren 


vप्रतिदिन 8 से 10 गिलास पानी पीयें | यदि आपको प्यास न भी लगे तो भी पानी की मात्रा को कम ना करें |

v  रोजाना कोफ़ी का सेवन अवश्य करें | एक दिन में कम से कम दो कप कोफ़ी जरुर पीयें | कोफ़ी का नियमित रूप से सेवन करने से पित्त वाहिका बढती है और इसमें पथरी होने की सम्भावना कम हो जाती है |

vतेज़ मसालें वाला भोजन ना खाएं |
vहल्दी , सौंठ , काली मिर्च और हिंग को अपने भोजन में जरुर शामिल करें |
हरी सब्जियों का उपयोग करें
हरी सब्जियों का उपयोग करें 


vभोजन में विटामिन सी की मात्रा का लेना ना भूलें | एक दिन में आपसे जितना हो उतना विटामिन सी वाले भोजन खा सकते है |

vगाजर और ककड़ी का जूस बनाकर पीयें | इस जूस की लगभग 100 मिलीलीटर की मात्रा अवश्य लें | यह जूस बहुत ही लाभदायक होता है |

vसूरजमुखी या इसके स्थान पर आप ओलिव ऑयल को भी ले सकते है | इन दोनों में से किसी भी एक तेल की 30 मिलीलीटर की मात्रा को खाली पेट पीयें | इस तेल के पीने के तुरंत बाद अंगूर का रस या निम्बू का रस पीयें | ऐसा करने से पित्त की पथरी गल जाती है | इस उपचार को नियमित रूप से करने से आपको अधिक लाभ मिलेगा |

vलगभग एक सप्ताह तक निम्बू के रस का सेवन करें | इससे आपको अधिक फायदा मिलेगा | एक तो पथरी गल जाएगी और दूसरा आपकी पाचन शक्ति मजबूत बनेगी |
Nashpati Pathri Ke Liye Hai Upyogi
Nashpati Pathri Ke Liye Hai Upyogi


vजिस व्यक्ति को पथरी का रोग है |उसे नाशपाती का फल जरुर खाना चाहिए | क्योंकि इस फल में कुछ ऐसे तत्व होते है जो पिताश्य के सभी रोगों को दूर करते है |

vजिन व्यक्तियों को पथरी का रोग है ,उन्हें अपने खाद्य पदार्थों में हरी सब्जियों का और फल का उपयोग करना चाहिए | ये सभी पदार्थ कोलेस्ट्रोल रहित होते है | इसके आलावा तली , भुनी हुई वस्तुएं और मसालेदार भोजन से जितना परहेज करेंगे उतना ही आपकी सेहत के लिए अच्छा है |

vचाय , कोफ़ी या जिसमे चीनी अथवा शक्कर हो उनसे भी परहेज करें |
vशराब आपकी सेहत के लिए हर सुरत में हानिकारक है |

v दिन में एक बार से अधिक बार भोजन ना करें | अधिक भोजन करने से शरीर में कोलेस्ट्रोल बनता है |
दूध का सेवन कम करें
दूध का सेवन कम करें 


vदूध से बनी हुई चीजों का उपयोग ना करें | रेशे वाले पदार्थों का भोजन में उपयोग बड़ी ही सोच समझकर करें | इसके आलावा अपने भोजन में ताज़े फल , अंकुरित अनाज , हरी सब्जियां , और इसबगिल की भूसी का उपयोग करें |

vइन सभी उपाय को करने से आप 2. 3 mm की पथरी से मुक्ति मिल जाती है | पित्त की पथरी होने पर कुछ लोग ओपरेशन करवाते है जिससे उनके गाल ब्लाडर को हटा दिया जाता है | इसके हटाने से मनुष्य को आगे चलाकर बड़ी कठनाई का सामना करना पड़ता है |

vकिन चीजों से परहेज करें :- चावल , मुंग की छिलके वाली दाल , तुरई , परवल , करेला , मौसमी , अनार ,आंवला , मुन्नका , ग्वारपाठा , और जेतुं का तेल , आदि |

vजो भोजन आसानी से पच जाये | ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए | सादा और बिना तेल और घी का भोजन उत्तम होता है | 



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