गर्भावस्था में होने वाले खतरे जिनका रखना चाहिए ध्यान

गर्भावस्था में होने वाले खतरे:- जब कोई महिला गर्भवती होती है | तो उस महिला के ये नौ महीने बहुत ही मुश्किल भरे होते है | इस समय में महिला को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है | जैसे भूख ना लगना , सर में दर्द का होना , नींद ना आना , चक्कर आना , शरीर का वजन बढ़ना , अधिक तनाव महसूस करना आदि कुछ ऐसी परेशानी है , जो एक गर्भवती महिला के सामने आती है | इसके आलावा इस दौरान कुछ खतरे भी होते है | जिनके बारे में हर गर्भवती महिला का जानना बहुत जरूरी होता है | आज हम आपको इस बात की जानकारी देंगे | जिससे आप इन खतरों को दूर कर सकते है | और अपने होने वाले बच्चे का अच्छी तरह से ध्यान रख सकते है |

गर्भावस्था में होने वाले खतरे को कैसे पहचाने :- ऐसा नही होता है कि आप जब भी गर्भवती हो तो आप अपनी अवस्था के खतरों को पहचान सकते है | इसे पहचानने के लिए आपको किसी अच्छे डॉक्टर की मदद लेनी पड़ेगी | जो आपको कुछ ऐसी बात बतायेंगे | जिससे आप गर्भावस्था के खतरों को जान सकेंगे | और इन खतरों का सामना करके इन्हें दूर सकते है |

कई बार महिलाओं को गर्भावस्था में ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है , या फिर यूरिन में आवश्यकता से अधिक मात्रा में प्रोटीन बढ़ जाता है | ये सभी लक्षण गर्भावस्था के लगभग 18 से 20 वें हफ्ते में हो सकते है |  
                     
·         गर्भ के तीसरे महीने के दौरान असहनीय सरदर्द, कभी-कभी आंखों से साफ न दिखना, पेट में सूजन और तेज़ दर्द।
·         इस प्रकार के लक्षण ब्लड प्रेशर के बढ़ने से या यूरीन में प्रोटीन की अधिक मात्रा से हो सकते हैं और यह लक्षण अक्‍सर गर्भावस्‍था के 20वें हफ्ते में होती है।

   फीटल किक पर ध्‍यान दें

·         विशेषज्ञ ऐसी सलाह देते हैं कि अगर बच्चा गर्भ में अधिक घूम नहीं रहा है तो इसका अर्थ है कि उसे प्लेसेन्टा से पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल रहा है।
गर्भावस्‍था में अधिक पानी आना or फीटल किक पर ध्यान क्यों दे


·         फीट‍ल किक को गिनकर भी आप बच्चे की गति का अंदाज़ा लगा सकते हैं, लेकिन ऐसी कोई निश्चित गिनती नहीं है कि बच्चे को कितनी फीटल किक करना चाहिए। मोटे तौर पर आपको सिर्फ बच्चे की गति पर ध्यान देना चाहए। बच्चे की गति में किसी अजीब परिवर्तन की स्थिति में चिकित्‍सक की सलाह लेना ज़रूरी हो जाता है।


गर्भावस्‍था में अधिक पानी आना


·         कभी-कभी ऐसा एहसास होता है जैसे यूरीन की जगह पानी आ रहा है, लेकिन यह सिर्फ यूटेरस के सूजे होने और ब्लैडर के भारीपन से होता है। वास्तव में यह अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करता है। कभी-कभी यह भाप की तरह निकलता है।
·         अगर पानी अधिक समय तक निकलता है तो शायद आपका पानी की थैली फट गई और ऐसे में आपको तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

गर्भावस्‍था के दौरान अधिक उल्‍टी और कमजोरी


·         बार-बार इस प्रकार उल्टियों का आना कि आप कोई भी काम ना कर सकें खतरनाक हो सकता है।

·         विशिष्ट विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि ऐसी स्थितियों में आप कुपोषण के शिकार हो सकते हैं। इससे आगे चल कर पानी कि कमी हो सकती है और बच्चे के जन्म के दौरान परेशानियां भी हो सकती हैं।
गर्भावस्‍था के दौरान अधिक उल्‍टी और कमजोरी


·         लेकिन ऐसी स्थितियों में हमेशा डॉक्‍टर के सम्पर्क में रहने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ ऐसी स्थितियों में आपको उपयुक्त आहार लेने का तरीका बता सकते हैं जिससे कि मां और होने वाले बच्चे दोनों का स्वास्थ्य अच्छा रहे।

गर्भावस्‍था में फ्लू के संकेत


ऐसा माना गया है कि प्रेग्नेंट महिलाओं में फ्लू का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक रहता है। इसका सामान्य कारण है प्रेग्नेंसी से शरीर का इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो जाती है। ऐसे में फ्लू से होने वाली परेशानियां भी बढ़ जाती हैं।
गर्भावस्‍था में फ्लू के संकेत or फ्लू के सामान्य लक्षण


फ्लू के सामान्य लक्षण


·         डायरिया
·         गले में दर्द
·         सर्दी
·         खांसी और सर्दी
·         कमज़ोरी
·         नाक का बहना
·         उल्टियां आना

गर्भावस्‍था में रक्त की कमी


विशेषज्ञ ऐसी सलाह देते हैं कि गर्भावस्‍था के दौरान खून अलग-अलग समय पर अलग परिभाषा देता है। अगर आपको मासिक धर्म के समय दर्द होता है या पेट में बहुत तेज दर्द होता है तो यह अस्थानिक गर्भावस्‍था (ऑक्‍टोपिक) के लक्षण हो सकते हैं। इस तरह का गर्भ तब होता है जब अण्डे यूटरस के बाहर निषेचित हो जाते हैं और इससे शुरुआत के 3 महीनों के दौरान सुस्ती का अनुभव होता है।
गर्भावस्‍था के दौरान ब्लीडिंग हमेशा ही एक गंभीर समस्या रहती है

·         गर्भावस्‍था के दौरान ब्लीडिंग हमेशा ही एक गंभीर समस्या रहती है लेकिन अगर यह दर्द के साथ होती है तो मिसकैरेज की बहुत अधिक सम्भावना रहती है।

·         गर्भावस्‍थ के दौरान हमेशा ही व्यक्ति स्थितियों को लेकर निश्चिंत नहीं रह सकता।

·         अगर आप बहुत ही असहज महसूस कर रहे हैं तो ऐसे में अपनी आंतरिक भावनाओं को समझें और अपने चिकित्‍सक से सम्पर्क करें।
गर्भावस्था के दौरान  इससे ना केवल आप निश्चित रहेंगे बल्कि आप असुरक्षित लक्षणों को भी पहचान सकेंगे



·         इससे ना केवल आप निश्चित रहेंगे बल्कि आप असुरक्षित लक्षणों को भी पहचान सकेंगे।

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