गर्भवती महिलाओं के गर्भ के पोषण के लिए
एक औरत अपनी जिन्दगी में माँ
बनने का सुख प्राप्त करना चाहती है | वो चाहती है की वो एक स्वस्थ संतान को जन्म
दें | इसलिए जब कोई स्त्री गर्भ धारण करती है तो उसे कुछ आवश्यक बातों का ध्यान
रखना चाहिए | और अपने गर्भ के पोषण के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए |
जरूरी जांच –
गर्भवती महिला के रक्त की जाँच,
सोनो ग्राफी – आजकल इस वैज्ञानिक
आधुनिक युग में नई तकनीक से ये जांचा जा सकता है की बच्चे का विकास पूर्णतया सही
ढंग से हो रहा है या नहीं , यदि बच्चे का विकास सही नहीं हो रहा है यदि बच्चा सही
ग्रोथ नहीं करता है या उसके अंगों का पूर्ण विकास नहीं होता तो उस अवस्था में जड़ी
बूटी या दवा द्वारा डॉक्टर उपचार कर सकते है ,
गर्भ में बच्चे की सेहत और उसके
दिल का विकास इत्यादि की जानकारी कर सकते है
बच्चा जुड़वाँ है या सिंगल है
इसकी जांच भी हो सकती है,
लिंग जाँच करना कानूनी अपराध है
और इसके लिए सजा का प्रावधान है
माँ के HIV टेस्ट करना भी अनिवार्य है
गर्भाशय की थैली में पानी या द्रव की मात्रा की जाँच करना भी जरुरी होता है
,
नाल की जाँच करना भी जरूरी है
बच्चा उल्टा तो नहीं है इसकी भी जाँच करना जरूरी होता है
महिला का वजन , ब्लड ग्रुप,
खाने
पीने योग्य आहार
गर्भवती महिला को अपने भोजन में ,अंकुरित दाले , फल , जूस , हरी सब्जियां ,
दूध , लस्सी , इत्यादि का इस्तेमाल करना चाहिए. गर्भवती महिला को तला हुआ भोजन , शराब ,
धुम्रपान इत्यादि का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
सामग्री :-
१. प्रवाल पिष्टी (prawal pisti) :- १० ग्राम
२. मुक्ता पिष्टी (mukta pisti) :- ५ ग्राम
३. धात्री लौह (dhatri loh) :- १० ग्राम
४. अभ्रक भस्म (abhrak bhasma) :- ५ ग्राम
५. अमृता रस (amrita rasa) :- ५ ग्राम
इन सभी चमत्कारी आयुर्वेदिक
औषधियों को आपस में मिलाकर एक मिश्रण बना लें
| इस मिश्रण की बराबर मात्रा में ६० खुराक बना लें | और किसी
डिब्बे में बंद करके सुरक्षित रख दें | रोजाना एक पुड़ियाँ या खुराक सुबह के समय और
एक पुड़ियाँ शाम के समय खाना खाने से आधा घंटा पहले ताज़े पानी के साथ, शहद के साथ
या फिर मलाई के साथ खाएं | इसके आलावा रोजाना एक चम्मच सोम धृत नामक औषधि को गाय
के दूध के साथ खाए | गर्भ अवस्था में गर्भ के पोषण के लिए बहुत फायदेमंद है |
Ayurvedic aushdhiyon se maa or bache dono ki dekhbhaal ki ja sakti hai, aaj uchit matra mein bhojan or paushan diya ja sakta hai, garbhvati or pregnent lady ke blood ki janch karna bhi jaroori hai , blood group kaunsa hai, garbhwati ke khaane peene ki uchit prabandh karna jaroori hota hai , hari sabjiya, doodh , fal juice ityadi garbvati ko dena jaroori hai taaki uske sareer ko kisi prakar ke vitamin or minerals ki kami na ho or swasth or healthy baby ko janm deve, birth ho,
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