एकपादासन
आसन बीमारी की ऐसी दवा है जो बिना पैसे के कहीं
भी किसी भी जगह बड़ी ही आसनी से की जा सकती है इसलिए हम आपको एक ऐसे ही आसन के
बारें में बताने जा रहें जो प्रत्येक मनुष्य के लिए बिल्कुल सरल और सहज है इस आसन
का नाम है एकपादासन.
एकपादासन एक ऐसा आसन है जो एक ही पैर पर खड़े
होकर किया जाता है इसलिए इसे एकपादासन कहा जाता है. तो सबसे पहले हम इसकी प्रयोग
विधि के बारें में चर्चा करेंगें|
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एकपादासन , Ekapadasana , yogasana ki vidhi |
एकपादासन की प्रयोग विधि:-
स्टेप 1.सर्व प्रथम समतल भूमि पर बिल्कुल सीधे
खड़े हो जाये.
स्टेप 2.अपनी सांस को बाहर निकालते हुए अपने एक
पैर को उपर उठाते हुए छाती और हाथों को सामने की तरफ नीचे झुका ले,
स्टेप 3.दोनों पैरों के बीच में 90 degree का
कोण बन जाना चाहिए,
स्टेप 4. आसन करते समय अपनी दृष्टि को बिल्कुल भूमि
की ओर रखें. इस क्रिया को लगातार जारी रखते हुए सांस को गहराई से लेने और छोड़ने की
प्रकिया को जारी रखें. आरम्भ में इसका अभ्यास 30 सेकंड के लिए करे बाद में धीरे
धीरे अपना टाइम बढ़ा ले.
स्टेप 5. आपका एक पैर और उपरी धड और आपके हाथ एक
सीधी लाइन की भाति होने चाहिए.
लाभ – इस आसन को करने से
आलस्यपन दूर होकर शरीर फुर्तीला बन जाता है.
(2). इससे आपकी टांगे(पैर) पुष्ट और ताकतवर बन
जाएगी. पेट सम्बन्धी रोग ठीक हो जाते है , जांघों की अतिरिक्ति चर्बी कम हो जाती
है,
(3).इस आसन को रोजाना अभ्यास करने से हमारे मन
को शान्ति मिलती है तथा सिद्धि प्राप्त करने से भी अनेक ब्रह्मचारी इसी आसन का
उपयोग करते है.
नोट – ये आसन सभी मनुष्य के लिए लाभदायक होता है
और यह बिल्कुल आरामदायक है.
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