ब्लड कैंसर के कारण और इलाज

ब्लड कैंसर  की बीमारी का ईलाज

इस बीमारी को रक्ताबुर्द की बीमारी भी कहते है | कैंसर की बीमारी शरीर के किसी भी अंग के आलावा मनुष्य के खून में भी पाया जाता है| पहले ब्लड कैंसर से कई लोगों की मौत हो चुकी है क्योंकि उस समय इस बीमारी का ईलाज संभव नहीं था लेकिन आज के समय में इस बीमारी का उपचार किया जा सकता है और मनुष्य के कीमती जीवन को बचाया जा सकता है |  लेकिन बचाव तभी हो सकता है जब आप सही समय पर इसका इलाज आरम्भ करे.

ब्लड कैंसर होने के प्रमुख कारण : -

  • संक्रमित व्यक्ति के खून चढाने से ये बीमारी फैल जाती है, रक्त दान करते समय और रक्त चढ़वाते समय खून की जाँच होना बहुत ही जरूरी है.

  • उम्र बढ़ने के बाद भी ब्लड कैंसर की सम्भावना हो जाती है , 35 वर्ष से उपर के व्यकित्यों को समय समय पर अपनी जाँच जरूर करवानी चाहिए और अपने खान पान का पूरा ध्यान रखना चाहिए, बड़े बूढ़ों में ये रोग अधिक पाया जाता है

  • माता पिता से बच्चों में कैंसर फैल सकता है यदि पेरेंट्स कैंसर रोग से संक्रमित है तो.

  • अत्यधिक धुम्रपान और तम्बाकू सेवन से शरीर के अंदर निकोटीन फैल जाता है. जो कैंसर का कारण हो सकता है  भारत में अधिकतर कैंसर के रोगी तम्बाकू के कारण होते है.

  • pollution / प्रदुषण भी इसका एक प्रमुख कारण हो सकता है. आजकल अत्यधिक प्रदुषण के कारण या फिर सब्जियों में , कीट नाशकों के प्रयोग के कारण , भी कैंसर की बीमारी बढती ही जा रही है.

  • साधारण कैंसर होने के बाद कई बार एलोपैथी में कीमोथेरेपी दी जाती है , इसका प्रमुख उद्देश्य होता है खून से कैंसर सेल्स को मारना परन्तु ये साथ में वाइट ब्लड सल्लेस को भी प्रभावित करता है , जिसके कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है.

  • अत्याधिक बॉडी स्कैन करवाने से भी इक्सके चांस बढ़ जाते है क्योकि बार बार CT scan करवाने से सुरक्षा सेल्स भी डेड हो जाती है जिसका परिणाम ये निकलता है की रोगी फिजिकल रूप से और भी कमजोर हो जाता है और बीमारी से लड़ने की क्षमता और भी कम हो जाती है ,


cancer ka lakshan or ayurvedic ilaj, iski roktham, ब्लड  कैंसर की रोकथाम और सावधानियाँ और घरेलु इलाज
cancer ka lakshan or ayurvedic ilaj, iski roktham, ब्लड  कैंसर की रोकथाम और सावधानियाँ और घरेलु इलाज 

कैंसर में सावधानियां –

  • मसाले दार भोजन न करे.
  • एक बार भर पेट भोजन न करके थोडा थोडा करे ,
  • तरल पदार्थों का सेवन अधिक करे ,
  • घिया , तैयोरी , पैठा इत्यादि का सेवन करे तरल अवस्था में ,
  • धुर्मपान , धुम्रपान बिलकुल त्याग दे ,
  • नशा करना छोड़ दे ,


देसी नुस्खा  - देसी गाय के मूत्र को ८ परतों वाली कॉटन की चद्दर से छान ले , और उसमें हल्दी मिलाकर उबाल ले जब वो आधा रह जाये तो उसको चाय की तरह घुट घुट करके पी ले , इसका प्रयोग आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है, और keemotheraphy कीमोथेरेपी करवाने की जरुरत नहीं पड़ती .

( देसी गाय  वो हो जिसने कभी गर्भ धारण न किया हो )

उपचार - सामग्री

सर्वकल्प क्वाथ (sarv kalp kwath)  :-  २०० ग्राम

कायाकल्प  क्वाथ (kaya kalp kwath)   :- १०० ग्राम

बनाने की विधि  :- इन दोनों औषधियों को आपस में मिलाकर एक मिश्रण बनाए | फिर किसी बर्तन में ४०० मिलीलीटर पानी ले और इस पानी में एक चम्मच तैयार औषधि के मिश्रण को मिलाकर धीमी - - धीमी आंच पर पकाए | कुछ देर पकने के बाद जब इसका पानी १०० मिलीलीटर रह जाए तो इसे छानकर पी लें | इस प्रयोग को रोजाना सुबह के समय और शाम के समय करें |

सामग्री : -

रस माणिक्य (rasa manikya)   :- ३ ग्राम

अमृता सत (amrita sata)    :-  १० ग्राम

प्रवाल पंचामृत (praval panchamrit)  :- ५ ग्राम

अभ्रक भस्म (abhrak bhasma)   :- ५ ग्राम

मुक्ता पिष्टी (mukta pisti)     :- ५ ग्राम

स्वर्ण बसंत मालती रस (swaran basant malti rasa)  :- ४- ५ ग्राम

हीरक भस्म (heerak bhasma ) :-  ३०० से ५०० मिलीग्राम

कासीस भस्म (kasees bhasma ) :-  ५ ग्राम

उपरोक्त  आयुर्वेदिक औषधियों को आपस में मिलाकर इसकी बराबर मात्रा की ६० पुड़ियाँ बना लें | और किसी डिब्बे में बंद करके सुरक्षित स्थान पर रख दें | प्रतिदिन एक पुड़ियाँ सुबह खाना खाने से पहले और एक पुड़ियाँ रात को खाना खाने से पहले ताज़े पानी के साथ शहद के साथ मलाई के साथ या दूध के साथ खाएं |

ब्लड कैंसर के कारण और इलाज ,cancer ka karan, reason or ayurvedic treatment
ब्लड कैंसर के कारण और इलाज ,cancer ka karan, reason or ayurvedic treatment

सामग्री : -

कैशोर गुग्गुलु (kaishor guggal)   :-  ६० ग्राम

आरोग्यवर्धिनी वटी (arogaya vardhini vati) :- ४० ग्राम

उदरामृत वटी (udramrit vati) :- ४० ग्राम

उपरोक्त तीनो आयुर्वेदिक औषधियों की एक – एक गोली दिन में कम से कम दो बार लें | इन गोलियों का सेवन सुबह के खाने और रात के कहने के बाद करे | इन गोलियों को हल्के गर्म पानी के साथ ले |

 सामग्री : -

गेहूँ के ज्वारे का रस (gehu ka jawara juice)  :- २५ मिलीलीटर

गिलोय रस (giloye juice )    :- २५ मिलीलीटर

धृतकुमारी रस  (dhrit kumari rasa)  :- २५ मिलीलीटर

गोधन अर्क (go dhan arka)      :- २५ मिलीलीटर

नीम के पत्ते (neem ke patte )    :- ५

तुलसी के पत्ते (tulis ke patte )  :-  १०


3 comments:

  1. Blood cancer ka treatment kaise kr sakte h

    ReplyDelete
  2. Meri mother ko pencreas cancer hai 2 month hua bahut jyadha dard hota or vajan kam ho gya pls help me 9987616282

    ReplyDelete


http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/09/pet-ke-keede-ka-ilaj-in-hindi.html







http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/08/manicure-at-home-in-hindi.html




http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/11/importance-of-sex-education-in-family.html



http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/10/how-to-impress-boy-in-hindi.html


http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/10/how-to-impress-girl-in-hindi.html


http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/10/joint-pain-ka-ilaj_14.html





http://ayurvedhome.blogspot.in/2015/09/jhaai-or-pigmentation.html



अपनी बीमारी का फ्री समाधान पाने के लिए और आचार्य जी से बात करने के लिए सीधे कमेंट करे ।

अपनी बीमारी कमेंट करे और फ्री समाधान पाये

|| आयुर्वेद हमारे ऋषियों की प्राचीन धरोहर ॥

अलर्जी , दाद , खाज व खुजली का घरेलु इलाज और दवा बनाने की विधि हेतु विडियो देखे

Allergy , Ring Worm, Itching Home Remedy

Home Remedy for Allergy , Itching or Ring worm,

अलर्जी , दाद , खाज व खुजली का घरेलु इलाज और दवा बनाने की विधि हेतु विडियो देखे

Click on Below Given link to see video for Treatment of Diabetes

Allergy , Ring Worm, Itching Home Remedy

Home Remedy for Diabetes or Madhumeh or Sugar,

मधुमेह , डायबिटीज और sugar का घरेलु इलाज और दवा बनाने की विधि हेतु विडियो देखे