Anjir Ek Gunkaari Phal ,अंजीर एक गुणकारी फल|

अंजीर एक गुणकारी फल :-
Anjir Ek Gunkaari Phal
Anjir Ek Gunkaari Phal
अंजीर के फल में बहुत सारे गुण होते है | ये एक ऐसा फल है जो मीठा होने के साथ हमारी सेहत के लिए लाभदायक है | अंजीर का सेवन करने से गैस , एसिडिटी में राहत मिलती है | इसके आलावा अंजीर खाने से कब्ज की समस्या भी दूर हो जाती है | यदि आपको साधारण कब्ज हो तो गर्म दूध में अंजीर डालकर उबल लें | इस दूध का सेवन करने से सुबह के समय दस्त साफ़ होने लगते है | इससे कफ बाहर आ जाता है |  गले में सुजन या गांठ बन जाये तो इसे ठीक करने के लिए सूखे अंजीर को उबल लें और इसे बारीक़ पीस लें | इसे बाद पीसे हुए अंजीर को सुजन वाले स्थान पर बांध लें | इस प्रकार के उपचार को करने से सुजन ठीक हो जाती है |
जिन व्यक्तियों को डायबिटिज हो तो उन्हें रोजाना अंजीर और दूध का सेवन करना चाहिए बहुत लाभ मिलता है | ताज़े अंजीर को दूध से साथ खाने से शक्ति बढती है |
 Anjir Se Viyr Or Shkti Bdhayen
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अंजीर को दूध और मिश्री के साथ मिलाकर लगातार एक हफ्ते तक खाएं , इससे खून की खराबी ठीक हो जाती है | अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीने से पुरुषों में शक्ति और वीर्य बढ़ता है | मधुमेह की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दुसरे फलों की तुलना में अंजीर का सेवन अधिक करना चाहिए | यह बहुत लाभदायक होता है | यदि किसी प्रकार का बाह्य पदार्थ चला जाये तो उसे निकालने के लिए अंजीर का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए | अस्थमा की बीमारी में सूखे अंजीर का सेवन पथ्यकारी है | अस्थमा के रोग में रोजाना सुबह के समय अंजीर का प्रयोग लाभदायक होता है | अंजीर के सेवन से हमारे शरीर में कफ नही जमता | इसके आलावा अंजीर के सेवन करने से हर तरह का बुखार थी हो जाता है | यदि आप किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का प्रयोग कर रहे तो आप किसी आयुर्वेद चिकत्सक या वैद्य के परामर्श अवश्य लें | बिना जानकारी के प्रयोग करने से हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है | अंजीर में कैल्सियम की मात्रा अधिक पाई जाती है | जिससे हमारी हड्डियाँ मजबूत बनती है | इसके आलावा पोटेशियम की कम मात्रा और सोडियम की अधिक मात्रा होने के कारण हाइपरटेंशन की समस्या पैदा हो जाती है | अंजीर को आधा काटकर एक गिलास पानी में रात के समय भिगोकर रख दें | अगले दिन सुबह के समय पानी और भीगे हुए अंजीर खाने से खून का संचार बढ़ता है |
Anjir Se Kabj Kren Dur
Anjir Se Kabj Kren Dur

विभिन्न बिमारियों को ठीक करने के लिए अंजीर का उपयोग :-
1.  कब्ज :- दूध में 3 या 4 अंजीर को उबाल लें | इस उबले हुए दूध को रात के समय सोने से पहले इस पी लें | इस उपचार को करने से कब्ज तो ठीक होता ही है इसके साथ – साथ बवासीर का रोग भी ठीक हो जाता है |
·      5 या 6 अंजीर को बारीक़ पीसकर लगभग 250 ग्राम पानी में मिलाकर अच्छी तरह से उबाल लें | जब यह उबल जाये तो इसे हल्का ठंडा होने पर छान कर पी लें | इस उपचार से कठिन से कठिन कब्ज ठीक हो जाती है |
·      माजून अंजीर की 10 ग्राम की मात्रा को सोने से पहले सेवन करने से लाभ मिलता है |
·      रोजाना दो अंजीर को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें | अगले दन सुबह भीगे हुए अंजीर को चबाकर खाएं | इससे पेट साफ हो जाता है |
·      जिन व्यक्तियों को अस्थमा और कब्ज है उन्हें रोजाना रात के समय 4 अंजीर पानी भिगोकर रख दें | अगले दिन उन दानों को अच्छी तरह से मसल लें | इसके बाद इस पानी का सेवन करें | अस्थमा और कब्ज ठीक हो जाता है |
·      जिन व्यक्तियों को स्थाई रूप से कब्ज की समस्या रहती है | उन्हें नियमित रूप से अंजीर का सेवन करना चाहिए | कब्ज की दिक्कत दूर हो जाती है |
·      अंजीर के 2 या 4 फल खाते ही दस्त आ जाते है | लेकिन अंजीर खाते समय इस बात का ध्यान अवश्य रहे कि इसमें से निकलने वाला दूध आपकी स्किन पर ना लगे क्योकि  यह दूध जलन और चेचक पैदा करता है |
·      खाना खाते समय अंजीर के साथ शहद का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है |
Madhumeh Or Gle Ki Sujan  Ke Rog Ke Liye
 Madhumeh Or Gle Ki Sujan  Ke Rog Ke Liye
दमा :- दमा होने पर अंजीर का सेवन करना बहुत लाभदायक होता है | इससे शरीर से बलगम बाहर निकल जाता है | इस उपचार को करने से रोगी को शीघ्र ही आराम मिलता है |
·      रोजाना थोड़े – थोड़े अंजीर खाने से पुरानी से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है | इससे मल साफ़ होता है और नियमित आता है | 3 से 4  सूखे अंजीर को सुबह – शाम दूध में गर्म करके खाने से कफ की मात्रा घटती है | शरीर में नई शक्ति आती है और अस्थमा रोग मिटता है |  
3.प्यास की अधिकता :- यदि आपको बार – बार प्यास लगती है तो अंजीर का सेवन करना चाहिए |
4. मुंह के छालें :- अंजीर को पीसकर उसका रस निकाल लें | इस रस को मुंह के छालों पर लगायें | जल्द ही आराम मिलता है |
5. प्रदर की बीमारी :- रोजाना अंजीर के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से प्रदर का रोग नष्ट हो जाता है |
6. दांतों का दर्द :- अंजीर में से निकलने वाले दूध को एक रुई के फोहे में भिगोकर दुखते हुए दांत पर रखकर दबा लें | इस प्रकार के उपचार को करने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है |
·      अंजीर के पौधे से दूध निकालकर उस दूध को रुई में भिगोकर सड़ने वाले दांत के नीचे रख लें | दांतों का दर्द और कीड़ा नष्ट हो जाता है |
7.पेशाब अधिक आना :- 2 से 4 अंजीर खाने के बाद लगभग 10 ग्राम काले तिल को चबा लें | यह समस्या दूर हो जाएगी |
8. स्किन की विभिन्न बीमारी :- कच्चे अंजीर के दूध को स्किन पर लगाने से स्किन से जुडी हुई हर समस्या दूर हो जाती है |
·      अंजीर का दूध लगाने से खुजली युक्त फुंसी जिसे दिनाय के नाम से जाना जाता है , ठीक हो जाती है | इसके साथ ही साथ चर्म रोग भी ठीक हो जाते है |
9.कमजोरी होना :- लगभग 35 से 40 दिन तक लगातार पके हुए अंजीर को बराबर की सौंफ के साथ मिलाकर खाने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है | इससे आप अपने आप को स्वस्थ महसूस करते है |
10. रक्त को शुद्ध करने के लिए और खून को बढ़ाने के लिए :- 5 अंजीर और 10 मुन्नके को मिलाकर लगभग 200 से 250 मिलीलीटर दूध में उबालकर खा लें | इसके बाद ऊपर से दूध पी लें | इस उपचार को करने से खून बढ़ता है और खून साफ होता है |
11. दस्त :- अंजीर का काढ़ा बनाकर पीये | इस काढ़े को कम से कम 2 या 3 बार पीने से दस्त ठीक हो जाते है |
Shkti Bdhayen
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12. शक्ति को बढ़ाने के लिए :- सूखे अंजीर के टुकड़े कर लें|  इन टुकड़ों को छली हुई बादाम को पानी में मिलाकर उबाल लें | अब इस मिश्रण को पानी से निकालकर सुखाकर इसमें दानेदार शक्कर , केसर , पीसी हुई इलायची , चिरौंजी , पिस्ता और बादाम को बराबर मात्रा में मिलाकर लगभग 8 दिन तक गाय  के घी में मिलाकर रख दें | बाद में प्रतिदिन सुबह लगभग ग्राम की मात्रा में सेवन करें | यह औषधि बड़ी ही हितकारी है |
13.जीभ की सुजन :- सूखे अंजीर का काढ़ा बनाकर उसका लेप करने से गले और जीभ की सुजन ठीक हो जाती है |
14. पुल्टीश :- ताज़े अंजीर को अच्छी तरह से कूटकर फोड़े – आदि पर बंधाने से जल्द ही आराम मिलता है |
15. दस्त साफ करने के लिए :- दो सूखे अंजीर सोने से पहले खाकर ऊपर से पानी पी लें | इस उपचार से दस्त साफ आता है |
16. टी.बी. का रोग :- इस बीमारी को क्षय रोग कहा जाता है | इस बीमारी में अंजीर जरुर खाना चाहिए | अंजीर से शरीर में खून बढ़ता है | अंजीर के पौधे की जड़ और डालियों की छाल का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है | इसके आलावा खाने के लिए 3 से 4 अंजीर का प्रयोग कर सकते है |
17. फोड़े – फुंसियों के लिए :- अंजीर को पीसकर उसका पुल्टिस बनाकर फोड़ें पर बांध लें | इस उपचार से फोड़े जल्द ही पक जाते है और फुट जाते है |
18. गिल्टी :- अंजीर को पीसकर उसका पुल्टिस बनाये | लेकिन इसे हल्का सा गर्म कर लें | इस पुल्टिस को गिल्टी पर बांध लें | इस किर्या को हर दो घंटे के अन्तराल पर बांधे | इस उपचार को करने से दर्द कम हो जाता है और गिल्टी जल्द ही पक जाती है |
19 . सफेद दाग ( सफेद कुष्ठ ) :- अंजीर के पौधे की छाल को पानी के साथ पीसकर उसमे लगभग 4 गुना घी डालकर गर्म कर लें | इस मिश्रण को तैयार करने के बाद हरताल की भस्म के साथ सेवन करें | इस प्रकार के प्रयोग को करने से सफेद दाग की समस्या दूर हो जाती है |
·      अंजीर के फल से निकलने वाले दूध को सफेद दाग पर लगायें | इस उपयोग को कम से कम 3 से 4 महीने तक लगातार करें | यह दाग मिट जायेगा |
·      अंजीर के पत्ते का रस निकालकर सफेद दाग पर सुबह और को शाम करने से फायदा मिलता है |
·      सूखे हुए अंजीर को घिसकर निम्बू के रस में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें | इस मिश्रण को सफेद दाग पर लगाने से लाभ मिलता है |
20. गले के अंदर सुजन :- सूखे अंजीर को पानी में उबालकर लेप करने से गले के अंदर होने वाली सुजन ठीक हो जाती है |
21 . साँस से संबंधित रोग :- अंजीर और जंगल में मिलने वाली इमली जिसे जंगल जलेबी के नाम से जानते है , दोनों की 5 – 5 ग्राम की मात्रा में रोजाना सेवन करने से साँस से जुड़ी हुई समस्या दूर हो जाती है | इसके साथ ही साथ दिल की धड़कन का अवरोध भी ठीक हो जाता है |
22 . शरीर की गर्मी :- एक पका हुआ अंजीर लें | इसे छीलकर उसके बीचो – बीच एक चीरा लगा दें और उसमे शक्कर भर दें | इसके बाद इस अंजीर को रात के समय ओस में रख दें | अगले दिन सुबह इस अंजीर को खा लें | इस उपचार को करने से शरीर की गर्मी निकल जाती है और खून में वृद्धि होती है |
23. जुकाम :- 4 से 5 अंजीर को पानी में डालकर उबाल लें और इसे छानकर पीयें | इस तरह से तैयार किये हुए पानी को सुबह और शाम के समय पीने से जुकाम ठीक हो जाता है |
24. फेफड़ों का रोग :- फेफड़ों के रोग होने पर 4 से 5 अंजीर को पानी में डालकर उबाल लें, और इसे छानकर पीयें | इस तरह से तैयार किये हुए पानी को सुबह और शाम के समय पीने से फेफड़ों का रोग ठीक हो जाता है |
25. मसूड़ों में से खून आना :- अंजीर को पानी में उबालकर इस पानी से कुल्ला करने से मसूड़ों में से खून आना बंद हो जाता है | इस उपचार को करने से मुंह से बदबू आना भी कम हो जाता है |
Anjir Se Vibhinn Bimariyon Ka Ilaj Kren |
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26. प्लीहा का रोग :- अंजीर को सिरके में डुबोकर सुबह और शाम के समय खाएं | इस प्रयोग को करने से तिल्ली यानि प्लीहा रोग ठीक हो जाता है |
27. खांसी :- जब आपको खांसी हो तो अंजीर का सेवन करना चाहियें | इससे सुखी खांसी दूर हो जाती है | अंजीर का सेवन करने से पुरानी से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है | अंजीर हमारे शरीर में जमे हुए बलगम को पतला करके बाहर निकलती है |
·      अंजीर के दो फल को पुदीने के साथ खाने से सीने में जमा हुआ बलगम धीरे – धीरे निकल जाता है |
·      पके हुए अंजीर का काढ़ा बनाकर पीने से भी खांसी ठीक हो जाती है |
28. गुदा चीरना :- इसे ठीक करने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता पडती है | 
सुखा अंजीर :- 350 ग्राम
पीपल का फल :- 170 ग्राम
निशोथ :- 85 ग्राम
सौंफ  :- 85 ग्राम
कुटकी :- 85 ग्राम
पुनर्नवा :- 85 ग्राम |
इन सभी को मिलाकर कूटकर एक मिश्रण तैयार कर लें | इस मिश्रण को तीन गुना पानी के साथ मिलाकर पका लें | पकते – पकते जब इसका एक चौथाई पानी बच जाये तो इसमें चीनी डालकर शरबत बना लें | इस तैयार शरबत की 1 से 2 चम्मच की मात्रा को सुबह और शाम के समय पीने से यह बीमारी दूर हो जाती है |
29 . बवासीर :- 3 से 4  सूखे अंजीर को पानी में भिगोकर रख दें | इन भीगे हुए अंजीरों को मसलकर रोजाना खाली पेट खाने से बवासीर ठीक हो जाता है |
·      अंजीर और गुलकंद को आपस में मिलाकर प्रतिदिन खली पेट खाने से मल आसानी से निकलता है|
·      ३० :- कमर दर्द :-  अंजीर की छाल , सोंठ और धनिया आदि को आपस में मिलाकर कूट लें | इस मिश्रण को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें | अगले दिन सुबह इसे छानकर पी लें | इस उपचार को करने से कमर दर्द में आराम मिलता है |
31 . पेचिश :- अंजीर का काढ़ा बनाकर पीये| इससे पेचिश और दस्त में आराम मिलता है |
32. अपच होने पर :- अंजीर को सिरके में भिगोकर खाने से भूख ना लगना और गैस या एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है |
33. प्रसव के समय होने वाला दर्द:- जब किसी महिला का प्रसव का दिन पास आता है तो उसे रोज दो अंजीर और दूध खाना चाहिए | इससे प्रसव के दौरान दर्द कम होता है |
34 . बच्चे का यकृत बढ़ना :- गन्ने के रस में 4 से 5 अंजीर को मिलाकर सिरके में डाल दें | ताकि वह गल जाये | लगभग 4 से 5 दिन के बाद उसमे से एक – एक अंजीर को  सुबह – शाम बच्चे को देने से यकृत की बीमारी में लाभ मिलता है |
35. सिर का फोड़ा :- सूखे अंजीर या हरे अंजीर को पीसकर पानी में अच्छी तरह से पका लें | इसके बाद फोड़ों पर लेप की तरह लगा लें | इस उपचार को करने से फोड़े और फोड़े से होने वाली सुजन ठीक हो जाती है |
36. :- दाद :- अंजीर से निकलने वाले दूध को दाद पर लगाने से दाद ठीक हो जाता है |
37 . सिर का दर्द :- अंजीर के पौधे की छाल की भस्म को पानी में या सिरके में मिलाकर सिर पर लगाने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है |
38 :- सर्दी अधिक लगना :- अंजीर की एक चौथाई हिस्सा खाने से सर्दी के कारण होने वाले दिल और दिमाग के रोग दूर हो जाते है |
खून और वीर्य को बढ़ाने के लिए :- सूखे अंजीर के टुकड़े कर लें|  इन टुकड़ों को छली हुई बादाम को पानी में मिलाकर उबाल लें | अब इस मिश्रण को पानी से निकालकर सुखाकर इसमें दानेदार शक्कर , केसर , पीसी हुई इलायची , चिरौंजी , पिस्ता और बादाम को बराबर मात्रा में मिलाकर लगभग 8 दिन तक गाय  के घी में मिलाकर रख दें | इस मिश्रण की 20 ग्राम की मात्रा को रोजाना खाएं | इस उपचार से शक्ति बढ़ती है और वीर्य में वृद्धि होती है 
·      एक सुखा हुआ अंजीर और 5 से 7 बादाम को दूध में डालकर उबाल लें | इस दूध में चीनी मिलाकर पीने से खून साफ होता है , पेट साफ होता है , कब्ज दूर होती है और शरीर ताकतवर बनता है |
·      अंजीर का अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर बलवान होता ही साथ ही साथ मनुष्य के सम्भोग करने की क्षमता भी बढ़ जाती है |
अंजीर अपने खट्टे – मीठे स्वाद के लिए बहुत प्रसिद्ध है . अंजीर के स्वादिष्ट फल होने के साथ – साथ एक लाभदायक फल भी है | अंजीर के सूखे हुए फल में कार्बोहाइड्रेट की 63 % , प्रोटीन की 5.5 % सेल्युलोज की 7. 3 % , चिकनाई लगभग एक % खनिज लवण 3 % ,अम्ल 1. 2 % , राख 2. 3 % और जल की मात्रा लगभग 20. 8% होता है | इन सभी मात्राओं के आलावा 100 ग्राम अंजीर में पोटेशियम , सोडियम , गंधक , फास्फोरस , एसिड और गोंड पाया जाता है |
 
,अंजीर एक गुणकारी फल
अंजीर एक गुणकारी फल
ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति को स्थाई रूप से कब्ज रहती है उसे नियमित रूप से अंजीर का सेवन करना चाहिए | इससे एक तो कब्ज की समस्या दूर होती है और दूसरा एसिडिटी में भी राहत मिलती है | अंजीर खाने से मनुष्य के शरीर में कफ नही जमता | ताज़े अंजीर को खाने के बाद ऊपर से दूध का सेवन करने से बल में वृद्धि होती है | अंजीर खाने से हमे बहुत लाभ मिलता है | यह हमे स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरूरी है |  





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